1. अब तो आ जाइये…
    शाम है बुझी बुझी वक्त है खफा खफा,
    कुछ हंसीं यादें हैं कुछ भरी सी आँखें हैं,
    कह रही है मेरी ये तरसती नजर,
    अब तो आ जाइये अब न तड़पाइये।
  2. हम ठहर भी जायेंगे राह-ए-जिंदगी में
    तुम जो पास आने का इशारा करो,
    मुँह को फेरे हुए मेरे तकदीर सी,
    यूँ न चले जाइये अब तो आ जाइये।
  3. दिल में बसे तो सही…
    खुश हूँ कि मुझको जला के तुम हँसे तो सही,
    मेरे न सही… किसी के दिल में बसे तो सही।